
नमस्कार!
सत्पथ“जिस पंथ चले भगवंत वही आचरिये”
अहिंसा · सत्य · अचौर्य · ब्रह्मचर्य · अपरिग्रह
सरल शब्दों में तीर्थंकर महावीर की सर्वोदयी शिक्षाओं को नयी पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास।
सत्पथ यात्रा
अहिंसा एवं अनेकांत – सरल और संक्षिप्त सोपान
सत्पथ एक कोशिश है परिवार, समाज और विश्व को बेहतर बनाने के लिए — बालकों को संस्कारित करने, युवाओं एवं प्रौढ़ों को स्वाध्याय का वातावरण देने और जीवन के अंतिम पड़ाव को सल्लेखना के शांत जल से सराबोर करने के लिए।
और जानें- 01
जीवदया
मद्य, मांस, मधु एवं पांच उदम्बर फलों का त्याग, अभक्ष्य भक्षण व रात्रिभोजन का त्याग।
- 02
परोपकार
मैत्री, प्रमोद, करुणा, माध्यस्थ एवं साधर्मी वात्सल्य।
- 03
स्वाध्याय
वांचना, पृच्छना, अनुप्रेक्षा, आम्नाय एवं धर्मोपदेश।
- 04
सल्लेखना
समता भाव पूर्वक देह परिवर्तन।
हमारी गतिविधियाँ
संस्कार से स्वाध्याय तक

सत्पथ पाठशाला
लौकिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक व धार्मिक शिक्षा — हर रविवार, पूर्णतः निःशुल्क।
और जानें
विश्वस्तरीय सत्पथ प्रश्नमंच
जैन आगम की दिव्य शिक्षाओं को कंठ में स्थापित करने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता।
और जानें
सत्साहित्य प्रचार
जाति, पंथ, भाषा, प्रान्त के भेद से रहित सत्साहित्य जन-जन तक पहुँचे।
और जानें
कार्यशाला एवं शिविर
व्यसनमुक्त, सदाचारयुक्त जीवन के लिए सभी आयु वर्ग हेतु विशिष्ट शिविर।
और जानें
सत्पथ आर्ट
नन्हे-मुन्ने बालकों द्वारा विभिन्न विषयों पर कला — हज़ार शब्दों जितनी सशक्त।
और जानें
प्रभावना
देश-विदेश में परिभ्रमण कर भारतीय संस्कृति की अहिंसक विचारधारा से जन-जन को परिचित कराना।
और जानेंकार्यक्रम
पं. विपिन जैन शास्त्री – आगामी कार्यक्रम
- आगामी
ग्रैंड फिनाले
विश्वस्तरीय सत्पथ प्रश्नमंच – सीज़न 3
23–26 दिस॰ 2027
- सानंद सम्पन्न
कनाडा एवं अमेरिका
विदेश प्रवास – तत्त्व प्रचार
20 मई – 20 जुल॰ 2026
- सानंद सम्पन्न
लोनावाला, पुणे
शिविर एवं प्रवचन
10–13 अप्रैल 2026
- सानंद सम्पन्न
दिल्ली
शिविर एवं प्रवचन
27–29 मार्च 2026
- सानंद सम्पन्न
खनियांधाना
शिविर एवं प्रवचन
22–25 मार्च 2026

संस्थापक
पं. विपिन जैन शास्त्री
शास्त्री · जैन दर्शनाचार्य · शिक्षाशास्त्री · सिद्धान्तशास्त्री
अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक प्रवचनकार, जो पिछले 27 वर्षों से धर्म, दर्शन एवं संस्कृति के प्रचार हेतु देश-विदेश का परिभ्रमण कर रहे हैं। सत्पथ के माध्यम से आपने तत्त्वप्रचार के क्षेत्र में क्रान्ति स्थापित की है।
गलत रास्ते पर कितने ही आगे निकल गये हों; वहाँ से लौट आना चलते रहने से बेहतर है।
— सत्पथ
झलकियाँ
सत्पथ परिवार की यादें
सहयोग
नयी पीढ़ी को जिनशासन की छत्रछाया दें
आइये! सत्पथ के इस सत्प्रयास में अपनी सामर्थ्यानुसार सहयोग करके नयी पीढ़ी को जिनशासन की छत्रछाया प्रदान कर पुण्य लाभ अवश्य लें।
सहयोग करेंबैंक विवरण
- खाता नाम
- SATPATH FOUNDATION
- खाता संख्या
- 919020072049281
- IFSC
- UTIB0003369
- बैंक
- AXIS BANK
- शाखा
- JARI PATKA, NAGPUR













