पण्डित विपिन जैन (शास्त्री, जैन दर्शनाचार्य, शिक्षाशास्त्री, सिद्धान्तशास्त्री) अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त आध्यात्मिक प्रवचनकार के रूप में चिर-परिचित युवा विद्वान हैं। आपका जन्म गोहद (भिण्ड) में 1 जनवरी 1980 को हुआ था। आपके पिता श्री प्रेमचंद जैन एवं माता श्रीमती शीलाबाई जैन हैं। आप पिछले 27 वर्षों से धर्म/दर्शन/संस्कृति प्रचारार्थ देश-विदेश का परिभ्रमण कर रहे हैं। आपने वर्ष 2000 में शास्त्री, सिद्धान्तशास्त्री, 2002 में जैनदर्शनाचार्य और 2003 में शिक्षाशास्त्री की डिग्री के साथ-साथ जेम्स एवं ज्वेलरी में डिप्लोमा किया है।
आपने भारत के साथ-साथ टोरंटो (कनाडा), लंदन, दुबई तथा अमेरिका के अटलांटा, शिकागो, डलास, न्यू जर्सी, क्लीवलैंड, नॉर्थ कैरोलिना, ह्यूस्टन, लॉस एंजिल्स, ऑरलैंडो, मियामी, मेरीलैंड, मिनियापोलिस, वॉशिंगटन आदि कई शहरों की कई बार यात्रा की है। अभी भी प्रतिवर्ष तत्त्व प्रचार के लिए आप 2 महीने विदेश प्रवास पर जाते हैं। आप मुख्य रूप से अध्यात्म, अहिंसा, कर्म सिद्धांत, न्याय आदि के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार वर्कशॉप, सेमिनार, शिविर, व्याख्यान आदि के माध्यम से करते हैं।
आपने सत्पथ के माध्यम से तत्त्वप्रचार के क्षेत्र में क्रान्ति स्थापित कर दी है। बीस हज़ार से भी अधिक साधर्मी मूलग्रन्थ का अद्योपांत पठन-पाठन कर चुके हैं; साथ ही मराठी भाषी व्याख्यान माला आपके निर्देशन में कुशलता पूर्वक चल रही है। विशेष रूप से व्यसनमुक्त सदाचारयुक्त जीवन शैली अभियान आपके द्वारा देश-विदेश में चलाया जा रहा है। बालकों को बचपन में ही वीतरागी तत्त्वज्ञान प्राप्त हो सके और वे अहिंसक जीवन शैली अपना सकें, इसके लिए आप सत्पथ पाठशाला के कुशल निर्देशक हैं।
आप वर्तमान में सत्पथ फाउण्डेशन के संस्थापक हैं, अमेरिका की संस्था — जैन अध्यात्म एकेडमी ऑफ नॉर्थ अमेरिका के डायरेक्टर हैं, साथ ही अन्य अनेक संस्थाओं के महत्त्वपूर्ण पदों पर हैं। आपके प्रवचनों का लाभ विपिन जैन शास्त्री यूट्यूब चैनल के माध्यम से सभी को निरंतर मिल रहा है, जिससे नई पीढ़ी धर्म/दर्शन को आसानी से समझ रही है।


